भारत सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को पहले से अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए दिसंबर 2025 से राशन कार्ड से जुड़े कई नए नियम लागू करने की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद ये प्रावधान अब देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि राशन और सब्सिडी का लाभ केवल सही, योग्य और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे। लंबे समय से पीडीएस में चल रही कमियों, फर्जी राशन कार्डों और गलत तरीके से हो रहे वितरण को रोकने के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि पूरी प्रणाली अधिक साफ और नियंत्रित रह सके। इन बदलावों से करोड़ों राशन कार्ड धारकों को सीधे फायदा मिलेगा और राशन वितरण प्रक्रिया काफी सुगम होगी।
ई-केवाईसी अब सभी राशन कार्ड धारकों के लिए अनिवार्य
नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव ई-केवाईसी को लेकर है, जिसे अब सभी राशन कार्ड धारकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि 31 दिसंबर 2025 तक यदि ई-केवाईसी पूरी नहीं की जाती, तो पात्र परिवारों को राशन वितरण अस्थायी रूप से रोक दिया जा सकता है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट, बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटो के माध्यम से पूरी होती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ सही व्यक्ति तक ही पहुंचे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पीडीएस में मौजूद फर्जी या डुप्लीकेट राशन कार्डों को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि एक व्यक्ति केवल एक ही कार्ड पर सरकारी अनाज प्राप्त कर सके। यह व्यवस्था आगे चलकर पूरे वितरण तंत्र को अधिक विश्वसनीय बनाएगी।
आधार और बैंक खाते को लिंक करना जरूरी होगा
नए नियमों के तहत अब आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी को मजबूत करने के लिए लिया गया है, ताकि किसी भी तरह की आर्थिक सहायता, खाद्य सब्सिडी या अन्य योजनाओं से जुड़ी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंच सके। आधार-बैंक लिंक होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और बीच में किसी तरह की गड़बड़ी या देरी की संभावना समाप्त हो जाएगी। सरकार का मानना है कि यदि राशन कार्ड को आधार और बैंक प्रणाली से जोड़ा जाएगा, तो प्रणाली अधिक निष्पक्ष बनेगी और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सही तरीके से की जा सकेगी।
डिजिटल राशन वितरण व्यवस्था लागू की जाएगी
सरकार ने नए नियमों के तहत राशन वितरण को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया है। अब राशन लेने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, ओटीपी वेरिफिकेशन और क्यूआर कोड स्कैनिंग को अनिवार्य किया जा रहा है। कई राज्यों में राशन एटीएम मशीनों की शुरुआत भी की जा रही है, जहां लाभार्थी अपना कार्ड स्वाइप करके तय मात्रा में अनाज प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से कम तौल, चोरी, गलत एंट्री और फर्जी वितरण जैसी समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी। डिजिटल रिकॉर्ड से लाभार्थी को भी यह पता चल सकेगा कि उसके नाम पर कितना राशन जारी हुआ और कितना मिला।
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को मिलेगी बड़ी मजबूती
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को और प्रभावी बनाने के लिए भी नए नियम बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस योजना के तहत अब लाभार्थी देश के किसी भी राज्य या जिले में जाकर सरकारी राशन दुकान से अपना अधिकारित अनाज प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा खासकर प्रवासी मजदूरों, किराये पर रहने वाले परिवारों और उन लोगों के लिए बहुत कारगर होगी जो काम या रोजगार के कारण बार-बार स्थान बदलते हैं। सरकार चाहती है कि कोई भी परिवार केवल स्थान बदलने की वजह से राशन के अधिकार से वंचित न रहे।
नए नियमों से मिलने वाले संभावित फायदे और बदलाव
नए प्रावधानों के तहत बीपीएल श्रेणी के योग्य परिवारों को हर महीने लगभग एक हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता डीबीटी के जरिए मिल सकती है, बशर्ते उनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो। इसके अलावा अनाज की मात्रा बढ़ाने, चावल-गेहूं के साथ दाल, तेल और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है। कई राज्यों में यह भी योजना है कि राशन कार्ड धारकों को गैस सब्सिडी में लगभग 20 रुपये तक अतिरिक्त राहत दी जाए, जिसे सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। इन सुधारों से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को काफी आर्थिक सहायता मिलेगी और उनका मासिक बजट भी संतुलित रहेगा।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए होम डिलीवरी की नई सुविधा
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को अब घर पर ही राशन उपलब्ध कराया जाएगा। राशन दुकान तक पहुंचने में कठिनाई होने की स्थिति में यह सुविधा उनके लिए बहुत राहतदेह साबित होगी। राज्य सरकारें इसकी प्रक्रिया तय कर रही हैं, जिसके तहत संबंधित लाभार्थी को केवल पहचान दस्तावेज और अपने मेडिकल या आयु संबंधी प्रमाण दिखाने होंगे।
ई-केवाईसी पूरी करने की सरल प्रक्रिया
ई-केवाईसी कराने के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी राशन दुकान, कॉमन सर्विस सेंटर या राज्य के खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आधार कार्ड, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर साथ होना आवश्यक है। बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद कुछ ही मिनटों में ई-केवाईसी अपडेट हो जाती है और इसकी पावती भी तुरंत जारी की जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और इसे सभी लाभार्थियों के लिए जल्द से जल्द पूरा करना जरूरी है ताकि उनका राशन न रुके।
निष्कर्ष: समय पर प्रक्रिया पूरी करना बेहद महत्वपूर्ण
दिसंबर 2025 से लागू किए जा रहे ये नए नियम देश की पीडीएस प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गरीब या जरूरतमंद परिवार को राशन की कमी न झेलनी पड़े, साथ ही फर्जी लाभार्थियों पर पूरी तरह रोक लग सके। हालांकि, यदि लाभार्थी समय पर ई-केवाईसी या आधार-बैंक लिंकिंग जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएं पूरी नहीं करते, तो उन्हें राशन और उससे जुड़े अन्य लाभों में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी राशन कार्ड धारकों के लिए यह आवश्यक है कि वे जल्द से जल्द इन नए नियमों का पालन करें।
