PMAY-G Awaas+ Survey 2025: छूटे हुए ग्रामीण परिवारों के लिए पक्का घर पाने की प्रक्रिया

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण यानी पीएमएवाई-जी भारत सरकार की उन योजनाओं में शामिल है, जिनका सीधा असर देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के जीवन पर पड़ा है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी, ताकि गांवों में रहने वाले गरीब, बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर मिल सके। शुरुआत में लक्ष्य था कि वर्ष 2024 तक सभी पात्र ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध करा दिया जाए, लेकिन आवेदनों की संख्या, जमीनी चुनौतियों और सर्वे प्रक्रिया के विस्तार के कारण अब इसकी समय-सीमा बढ़ाकर 2029 कर दी गई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 तक इस योजना के तहत लगभग 2.82 करोड़ पक्के घर बनाए जा चुके हैं। यह संख्या बताती है कि पीएम आवास योजना ग्रामीण ने जमीनी स्तर पर कितना बड़ा बदलाव किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने करीब 32.9 लाख नए घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 25.6 लाख घरों को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण कार्य अलग-अलग राज्यों में जारी है।

PMAY-G के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है

पीएम आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत पात्र परिवारों को घर निर्माण के लिए प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दी जाती है। सामान्य मैदानी क्षेत्रों में यह सहायता राशि 1.20 लाख रुपये तक होती है, जबकि पहाड़ी और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में यह राशि अधिक हो सकती है। यह पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है, ताकि किसी तरह की कटौती या गड़बड़ी न हो।

घर निर्माण के साथ-साथ योजना में यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि लाभार्थी को पानी, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। कई मामलों में स्वच्छ भारत मिशन और अन्य योजनाओं के साथ इसे जोड़कर लाभ दिया जाता है, जिससे परिवार का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

नया Awaas+ सर्वे क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी

सरकार ने पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत एक नया और अपडेटेड सर्वे शुरू किया है, जिसे Awaas+ सर्वे कहा जाता है। यह सर्वे 1 जनवरी 2025 से लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन परिवारों की पहचान करना है, जो पहले किसी कारण से योजना में शामिल नहीं हो पाए थे या जिनका नाम पुराने सर्वे में छूट गया था।

सरकार का साफ कहना है कि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद परिवार केवल तकनीकी कारणों या जानकारी की कमी की वजह से आवास योजना से वंचित न रहे। इसी सोच के तहत Awaas+ सर्वे को पूरी तरह डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।

Awaas+ सर्वे की डिजिटल प्रक्रिया कैसे काम करती है

Awaas+ सर्वे सेल्फ-सर्वे और फील्ड वेरिफिकेशन दोनों तरीकों से पूरा किया जाता है। पात्र परिवार अपने मोबाइल फोन से Awaas+ एप्लिकेशन डाउनलोड करके खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह एप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसे इस्तेमाल करना अपेक्षाकृत आसान है।

सर्वे प्रक्रिया में ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए आधार कार्ड के जरिए पहचान और पते का सत्यापन करना होता है। अगर ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है, तो आवेदन मान्य नहीं माना जाता। इसके अलावा ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय स्वयंसेवी कार्यकर्ता भी घर-घर जाकर उन परिवारों की मदद करते हैं, जो खुद से डिजिटल प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

Awaas+ सर्वे के मुख्य चरण

Awaas+ सर्वे की प्रक्रिया को चार चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में परिवार का पंजीकरण किया जाता है, जिसमें आधार नंबर दर्ज कर ई-केवाईसी पूरी की जाती है। दूसरे चरण में परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी जाती है, जैसे मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, परिवार के सदस्यों की संख्या और सामाजिक वर्ग।

तीसरे चरण में भरी गई जानकारी को अंतिम रूप देकर आवेदन सबमिट किया जाता है। इसके बाद यह आवेदन ग्राम सभा और संबंधित अधिकारियों के पास सत्यापन के लिए जाता है। अंतिम चरण में लाभार्थी अपनी स्थिति की जांच कर सकता है और यह देख सकता है कि उसका नाम सूची में शामिल हुआ है या नहीं।

पीएम आवास योजना ग्रामीण की पात्रता क्या है

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलता है, जो तय पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। आवेदक का ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है। परिवार के पास पहले से पक्का मकान नहीं होना चाहिए या वह पूरी तरह बेघर होना चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, जिनके पास सीमित संसाधन हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है।

इसके अलावा यह भी शर्त है कि आवेदक ने पहले किसी अन्य सरकारी आवास योजना के तहत घर का लाभ न लिया हो। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवा महिलाएं, दिव्यांग व्यक्ति और छोटे किसान जैसे वर्गों को योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

योजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

पीएम आवास योजना ग्रामीण ने सिर्फ घर देने तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसने ग्रामीण समाज में व्यापक बदलाव किए हैं। पक्का घर मिलने से परिवारों को सुरक्षा और सम्मान का एहसास होता है। बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी कम होती हैं।

घर निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर मजदूरी और कारीगरी के अवसर पैदा होते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। स्वच्छता, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं के कारण जीवन की गुणवत्ता में साफ सुधार देखा गया है।

भविष्य की योजना और सरकार का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक देश का कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार बिना पक्के घर के न रहे। इसके लिए लगातार नए सर्वे, डेटा अपडेट और डिजिटल निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। Awaas+ सर्वे इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे पात्रता की पहचान और लाभ वितरण अधिक सटीक हो सके।

डिजिटल प्रक्रिया, ई-केवाईसी और मोबाइल एप्लिकेशन के इस्तेमाल से योजना को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले वर्षों में इस योजना के दायरे को और मजबूत करने पर भी सरकार का फोकस है।

ग्रामीण परिवारों के लिए क्या संदेश

पीएम आवास योजना ग्रामीण और Awaas+ सर्वे ग्रामीण परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आए हैं। जो परिवार अब तक किसी वजह से योजना से बाहर थे, उनके पास फिर से मौका है कि वे सर्वे में शामिल होकर पक्के घर का सपना पूरा कर सकें। सही जानकारी, समय पर सर्वे और पात्रता पूरी होने पर यह योजना वास्तव में जीवन बदलने वाली साबित हो सकती है।

डिस्क्लेमर यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से जुड़ी पात्रता, राशि और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है। आवेदन या किसी भी अंतिम निर्णय से पहले प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की आधिकारिक वेबसाइट या अपने ग्राम पंचायत कार्यालय से नवीनतम जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

WhatsApp Group
WhatsApp WhatsApp चैनल से जुड़ें Telegram Telegram चैनल से जुड़ें